दोनों की बीच
एक फूल अपने पेड़ की प्रशाखा मात्र नहीं
एक स्वतंत्र रचना-विन्यास में अपनी तरह
सुन्दर का मौलिक रूप भी।
रंगों की व्यवस्था में
मौसम की हरी धारीदार कमीज़ के
खुले कॉलर पर वह
लाल बटन की तरह
बिल्कुल ढीला टँका
अनायास गिरने गिरने को
वह एक भावना भी है
और एक तर्क भी
एक छोटा-सा जन्म
एक छोटा-सा मरण
और दोनों के बीच
एक बहुत बड़ा फ़र्क़ भी।
साभार - कोई दूसरा नहीं
कुंवर नारायण
राजकमल प्रकाशन