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'कहानी' पर शायरों के अल्फ़ाज़

दीपाली अग्रवाल

Kavya Charcha
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इक नज़र का फ़साना है दुनिया
सौ कहानी है इक कहानी से
- नुशूर वाहिदी


ज़िंदगी क्या है इक कहानी है
ये कहानी नहीं सुनानी है
- जौन एलिया

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जिसे अंजाम तुम समझती हो
इब्तिदा है किसी कहानी की
- सरवत हुसैन


ख़ामोश सही मरकज़ी किरदार तो हम थे
फिर कैसे भला तेरी कहानी से निकलते
- सलीम कौसर

आप की मेरी कहानी एक है
कहिए अब मैं क्या सुनाऊँ क्या सुनूँ
- मैकश अकबराबादी


वो एक दिन एक अजनबी को
मिरी कहानी सुना रहा था
- गुलज़ार

सभी किरदार थक कर सो गए हैं
मगर अब तक कहानी चल रही है
- ख़ावर जीलानी


वो दिन गुज़रे कि जब ये ज़िंदगानी इक कहानी थी
मुझे अब हर कहानी ज़िंदगी मालूम होती है
- निसार इटावी

हर कहानी मिरी कहानी थी
जी न बहला किसी कहानी से
- साक़ी अमरोहवी


आप-बीती कहो कि जग-बीती
हर कहानी मिरी कहानी है
- फ़िराक़ गोरखपुरी

6 वर्ष पहले
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