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वैलेंटाइन स्पेशल काव्य-कैफ़े: प्रेम गीतों से सराबोर महफ़िल के गवाह बनिए आप भी

दीपाली अग्रवाल

Halchal
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                                                  अगले काव्य-कैफ़े की पूरी तैयारियां हो चुकी हैं और जल्द ही कवि अपनी प्रेम कविताओं के साथ इस वैलेंटाइन वीक को ख़ास बनाएंगे। कार्यक्रम ज़ूम ऐप के द्वारा होगा और देश के अलग-अलग हिस्सों से 6 बेहतरीन कवि हमारे साथ जुड़ेंगे। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण अमर उजाला के फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा। कार्यक्रम 13 फरवरी की शाम 6 बजे से शुरू होगा।

इस बार जो नाम हमारे साथ जुड़ रहे हैं:
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गजेन्द्र प्रियांशु

गजेन्द्र बाराबंकी से हैं। हिंदी से परास्नातक के साथ-साथ एल.एल.बी, की पढ़ाई भी की है। साधना सुमन, साधनाम्बर, साधनाक्षर, साधनांजलि तथा साधना के स्वर (सामूहिक काव्यसंग्रह) प्रकाशित हो चुके हैं। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश,बिहार, महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ आदि समस्त हिन्दी भाषी प्रदेशों में तथा विभिन्न समाचार चैनलों में अनेक बार राष्ट्रीय एकता अखण्डता को सर्मिर्पत काव्यपाठ तथा मंच संचालन किया है। 
गजेन्द्र प्रियांशु को अखिल भारतीय मंचीय कविपीठ द्वारा युवा गीतकार ’’देवल आषीष’’ सम्मान 2014 मिल चुका है। साथ ही गीत गन्धर्व सम्मान, डॉ विष्णु सक्सेना सम्मान, जागृति सम्मान, दस्तक सम्मान आदि मिल चुके हैं।

प्रदीप तिवारी

प्रदीप अमेठी से हैं, श्रृंगार के कवि हैं और तरन्नुम में गीत प्रस्तुत करते हैं। वह knit सुल्तानपुर, iit रुड़की, iit दिल्ली समेत कई उच्च संस्थानों में आयोजित कवि सम्मेलनों का हिस्सा रहे हैं। झांसी, आगरा समेत कई शहरों में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं।

सूरज ठाकुर

सूरज ठाकुर बिहारी सुपौल बिहार से हैं। इन दिनों दिल्ली में रहते हैं। इतिहास से स्नातक हैं और शास्त्रीय संगीत के 6वें वर्ष में हैं। उनका लेखन मुक्तक, गीत, ग़ज़ल है। देश के कई कवि सम्मेलनों में मंच साझा कर चुके हैं।

आकृति विज्ञा 'अर्पण'

आकृति हिंदी व भोजपुरी कवयित्री होने के साथ-साथ मंच संचालिका भी हैं। वह गोरखपुर, उत्तर प्रदेश से हैं और रेडियो व दूरदर्शन में कई बार काव्यपाठ कर चुकी हैं। अभी हाल में ही फरवरी 2021 में चौरीचौरा महोत्सव में वरिष्ठ कवि हरिओम पवार और विनीत चौहान के साथ काव्यपाठ किया। मैथिली भोजपुरी अकादमी राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में लगातार तीन वर्षों से काव्यपाठ कर रही हैं।

कुशल दौनेरिया

कुशल दौनेरिया है आगरा के रहने वाले हैं।,फ़िलहाल अध्ययन के लिए दिल्ली में निवास कर रहे हैं। इन्हें बचपन से ही कविताएं, ग़ज़ल और शायरी का शौक़ रहा है। पिछले एक वर्ष से लिखना आरम्भ किया है। जमाल एहसानी, परवीन शाकिर, बशीर बद्र, रामधारी सिंह दिनकर इनके प्रिय कवि व शायर हैं।

अभिजीत अयंक

लखनऊ के गीतकार अभिजीत अयंक अनेकों कवि सम्मेलनों और मुशायरों में शिरकत करते रहते हैं। इनके लिखे मोहब्बत के गीत लोग बहुत पसंद करते हैं।

आलोक यादव

आलोक कायमगंज, फ़र्रुख़ाबाद से हैं और क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त पद पर कार्यरत हैं। विभिन्न पत्र, पत्रिकाओं में इनकी रचनाएं सतत् प्रकाशित होती रहती हैं। वे गीत लेखन करते हैं और कई मंचों पर काव्य-पाठ कर चुके हैं। हिंदी-उर्दू ग़ज़ल संग्रह 'उसी के नाम' प्रकाशित हो चुका है। आलोक को डॉ. इक़बाल उर्दू अवॉर्ड, डॉ. आसिफ़ बरेलवी अवॉर्ड व सृजन साहित्य सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।  

काव्य-कैफ़े अमर उजाला काव्य का एक ऐसा मंच है जो उभरते हुए कवियों की कलम को लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंंचाता है। इसके पिछले एपिसोड आपको अमर उजाला काव्य के फेसबुक पेज पर मिलेंगे और अलगा जलाद ही आपके सामने होगा। 
5 वर्ष पहले
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kamlesh ranjan

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