साल 2018 के शब्द सम्मान की घोषणा में कथेतर वर्ग में छाप सम्मान सुनीता बुद्धिराजा की कृति ‘रसराज - पंडित जसराज’ को दिया जाएगा। जैसा कि नाम से ज़ाहिर है यह किताब प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज को लेकर लिखी गयी है। इस किताब में उनके जीवन से जुड़े कई अलौकिक अनुभव दर्ज हैं। यह किताब वाणी प्रकाशन से प्रकाशित है।
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इस किताब की लेखिका सुनीता बुद्धिराजा हिंदी लेखन व कविता की एक सुपरिचित हस्ताक्षर हैं। उनकी अब तक 11 से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनका पहला कविता संग्रह ‘आधी धूप’ था, जिसका तेलगु में भी अनुवाद हुआ और जिसे बहुत सराहा भी गया। इसके बाद उनकी दूसरा काव्य-संग्रह ‘अनुत्तर’ के नाम से आया। उनकी किताब ‘प्रश्न पांचाली’ को प्रसिद्ध निर्देशक दिनेश ठाकुर ने एक नाटक मंचन का रूप दिया था, इस किताब में महाभारत के शक्तिशाली चरित्र द्रौपदी से जुड़ी कविताएं हैं। इसके शो न सिर्फ़ देश में बल्कि विदेश में भी हुए। इसके 35 शो मुंबई, दिल्ली, अजमेर, वृंदावन,जोधपुर और लंदन में हुए।
सुनीता बुद्धिराजा ने पंडित जसराज पर तो किताब लिखी ही है साथ ही भारत के दिग्गज संगीतकारों में से उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, पंडित किशन महाराज, डॉ. एम. बालमुरली कृष्ण, पं. शिव कुमार शर्मा, पं. बिरजू महाराज और पं. हरिप्रसाद चैरसिया पर विशेष काम किया है। इसके साथ-साथ सुनीता ने वयस्क शिक्षा एवं पर्यावरण पर भी किताबें लिखी हैं।
सुनीता बुद्धिराजा का जन्म 17 नवंबर 1954 को नई दिल्ली में हुआ था। वह चार दशकों से बतौर एंकर और वरिष्ठ कम्युनिकेशन प्रोफेशनल कार्यरत हैं। वह किंडलवूड कम्युनिकेशंस की संस्थापिका और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं और समाज सेविका भी हैं।
सुनीता बुद्धिराजा को कई पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें ख़ास तौर से उल्लेखनीय हैं शिरोमणि पुरस्कार, शिरोमणि महिला पुरस्कार, सुपर स्टार अवार्ड, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अवार्ड, पीआर पर्सन ऑफ द ईयर अवार्ड और ग्लोबल वूमन एचीवर अवार्ड।