शिखर धवन ने राहत इंदौरी की लिखी कुछ पंक्तियों को अपनी तस्वीर के साथ ट्वीट किया है। गौरतलब है कि इस समय विश्व कप का दौर चल रहा है और शिखर धवन के अंगूठे में चोट लगी है। इस कारण उन्हें कुछ समय के लिए विश्व कप से बाहर रहना पड़ेगा। ऐसे समय में उन्होंने राहत साहब के शेर के ज़रिए अपने इरादों को बयां किया है।
कभी महक की तरह हम गुलों से उड़ते हैं
कभी धुएं की तरह पर्वतों से उड़ते हैं
ये कैंचियां हमें उड़ने से ख़ाक रोकेंगी,
के हम परों से नहीं हौंसलों से उड़ते हैं
इसके बाद राहत साहब ने शिखर के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा कि
बहुत गुरूर है दरिया को अपने होने पर,
जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ