ऑस्ट्रेलिया को उसी की जमीन पर पटकते हुए पहली बार द्विपक्षीय सीरीज जीतने वाली टीम इंडिया ने प्रशंसकों को खुशी का एक और मौका दे दिया।
आपने हिंदी फिल्म का वो गाना तो सुना होगा, 'जो तुमको हो पसंद वो बात करेंगे'… आलोचकों को कुछ ऐसा चाहिए लेकिन धोनी अपनी बल्लेबाजी स्टाइल से ये जताते हैं कि, 'हम तो ऐसे ही हैं भइया.'
धोनी ने अपने इसी मिजाज के साथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की जीत की स्क्रिप्ट भी लिखी.. उनके बल्ले से न सिर्फ लगातार तीसरा अर्धशतक निकला बल्कि यह कॅरियर का 70वां पचासा भी था.. अपनी 87 रन की नाबाद पारी में 34वां रन लेते ही धोनी ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर अपने 1000 रन भी पूरे कर लेते हैं।
मशहूर शायर डाॅ. राहत इंदौरी ने धोनी की इस बेहतरीन पारी के लिए एक शेर नज़्र किया है-
अभी ग़नीमत है सब्र मेरा, अभी लबालब भरा नहीं हूं
वो मुझको मुर्दा समझ रहा है, उसे कहो मैं मरा नहीं हूं