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प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों को संबाोधित करते हुए किया महाकवि दिनकर की इस कविता को याद

deepali agrawal

Halchal
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                            प्रधानमंत्री मोदी ने आज लद्दाख में सैनिकों को संबोधित करते हुए महाकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता को याद किया। उन्होंने कहा कि 
        
                                                    
                            

'जिनके सिंहनाद से सहमी
धरती रही अभी तक डोल
कलम, आज उनकी जय बोल।'

पूरी कविता यूं है 

जला अस्थियाँ बारी-बारी
चिटकाई जिनमें चिंगारी,
जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर
लिए बिना गर्दन का मोल
कलम, आज उनकी जय बोल।

जो अगणित लघु दीप हमारे
तूफानों में एक किनारे,
जल-जलाकर बुझ गए किसी दिन
माँगा नहीं स्नेह मुँह खोल
कलम, आज उनकी जय बोल।

पीकर जिनकी लाल शिखाएँ
उगल रही सौ लपट दिशाएं,
जिनके सिंहनाद से सहमी
धरती रही अभी तक डोल
कलम, आज उनकी जय बोल।

अंधा चकाचौंध का मारा
क्या जाने इतिहास बेचारा,
साखी हैं उनकी महिमा के
सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल
कलम, आज उनकी जय बोल।

 
6 वर्ष पहले
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