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Book Review: हिंदी ग़ज़ल और डाॅ. उर्मिलेश

काव्य डेस्क

Book Review
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                              ‘होनहार बिरवान के होत चीकने पात’ की उक्ति चरितार्थ करते हुए युवा किन्तु समर्थ कवयित्री डा. सोनरूपा विशाल ने ग़ज़लकार हरेराम समीप के प्रेरक मार्गदर्शक में अपने पूज्य पिता डाॅ. उर्मिलेश के हिन्दी ग़ज़ल विषयक योगदान पर आधारित एक समालोचनात्मक ग्रन्थ ‘हिन्दी ग़ज़ल और डाॅ. उर्मिलेश’ का संपादन किया । 
        
                                                    
                            

ग्रन्थ के आरम्भ में हिन्दी ग़ज़ल की अवधारणा पर आधारित उर्मिलेश के कई आलेख संकलित हैं। इसी क्रम में ग़ज़लकार डाॅ. उर्मिलेश : एक विमर्श स्तम्भ के अंतर्गत उन्हीं की ग़ज़ल सम्बन्धी उपलब्धियों पर आधारित डाॅ. शैलेन्द्र काबरा, भाई हरिराम समीप, कमलेश भट्ट कमल, डाॅ. मधुकर खराटे, डाॅ. शिवओम अम्बर, डाॅ. रोहिताश्व अस्थाना, जहीर कुरेशी, डाॅ. महाश्वेता चतुर्वेदी, डाॅ. महेंद्र अग्रवाल, डाॅ. ऋषिपाल धीमान, डाॅ. नितिन सेठी, रमेश विकट, अशोक अंजुम, डाॅ. यायावर, डाॅ. रमा सिंह, डाॅ. राम बहादुर व्यथित, डाॅ. जयराम सूर्यवंशी आदि के मूल्यांकन परक आलेख संकलित हैं।  उर्मिलेश जी की ग़ज़लकृतियों पर विद्वानों की सार्थक समीक्षाएं भी ग्रन्थ में सम्मिलित की गई हैं। अपनी हिन्दी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर आधारित डाॅ. उर्मिलेश का आत्मकथ्य विशेष रूप से पठनीय एवं प्रेरक बन पड़ा हैं।

ग्रन्थ के अन्त में डा. उर्मिलेश जी की चुनिंदा गजलें व शेर जिनमे कुछ उनकी हस्तलिपि में भी हैं। मन पर अमिट छाप छोड़ने वाली हैं। उनका एक आत्मकथ्यात्मक शेर तो उनके भाषाई रंग को उकेरने में निश्चय ही सफल हुआ हैं-

‘हम न उर्दू में न हिन्दी में ग़ज़ल कहते हैं’
हम तो बस आपकी बोली में ग़ज़ल कहते हैं,

इसी प्रकार अंतिम कवर पृष्ठ पर डाॅ. उर्मिलेश के ग़ज़ल साहित्य पर श्रद्धेय कृष्ण बिहारी नूर, डाॅ. अशोक चक्रधर आदि की मूल्याँकन परक संक्षिप्त टिप्पणियां ग्रंथ की गुणवत्ता में चार चाँद लगाने वाली हैं। 

निश्चय ही प्रस्तुत ग्रन्थ एक समर्थ बेटी द्वारा अपने समर्थ पिता को डी जाने वाली एक सच्ची श्रद्धांजलि है। हिन्दी ग़ज़ल से जुड़े हुए प्रत्येक पाठक, कवि, ग़ज़लकार, एवं शोधार्थी के लिए समीक्ष्य ग्रन्थ केवल पठनीय एवं संग्रहनीय ही नहीं अपितु एक अनिवार्य आवश्यकता भी है। 

‘हिन्दी गज़ल और डा. उर्मिलेश’
संपादन – सोनरूपा विशाल
प्रकाशक = ANY BOOK प्रकाशन – भारत 

  समीक्षक: डाॅ रोहिताश्व अस्थाना
4 वर्ष पहले
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