सुविधाओं का अभाव, विपरीत परिस्थितियां और पेशेवर कोचिंग की कमी के बावजूद जम्मू संभाग के युवा क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें कई नाम हैं, लेकिन वर्तमान में यूएई में जारी इंडियन प्रीमिय लीग (आईपीएल) में जम्मू के दो युवा उमरान मालिक और अब्दुल समद अपनी खेल प्रतिभा से सभी को प्रभावित कर रहे हैं। अब्दुल समद लंबे छक्कों और उमरान मालिक अपनी तेज गेंदबाजी के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को चुनौती दे रहे हैं।
प्रदेश में उमरान और समद जैसी हजारों युवा प्रतिभाएं हैं, लेकिन सुविधाओं का अभाव है। जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट गतिविधियां चलाने का जिम्मा जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के पास है, लेकिन जेकेसीए अब राजनीति का अखाड़ा बन चुकी है। जम्मू शहर की बात करें तो जेकेसीए के पास जीजीएम साइंस कॉलेज हास्टल मैदान के अलावा कोई मैदान नहीं है। युवा खिलाड़ियों के पास टर्फ विकेट पर खेलने का अनुभव नहीं है। जेकेसीए टर्फ विकेट विकेट तैयार नहीं कर पाई है।
तेज गेंदबाज उमरान मालिक भी परेड मैदान में अभ्यास करते रहे हैं, जहां पर एकमात्र टर्फ विकेट है। वर्तमान में परेड मैदान की हालात खस्ता है। युवा वहां पर अभ्यास नहीं कर सकते। मैदान पर बनी टर्फ विकेट खराब हो चुकी है। जेकेसीए और स्पोर्ट्स काउंसिल का उस तरफ कोई ध्यान नहीं है। टर्फ विकेट की कमी को लेकर जब जेकेसीए उप-समिति के सदस्य और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मिथून मन्हास से संपर्क करने की कोशिश की तो फोन का जवाब नहीं दिया।
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मैदान में खिलाड़ियों को खेलने की नहीं है अनुमति
शहर के एमए स्टेडियम में खेलने के लिए खिलाड़ियों को दस स्थानों से अनुमित लाना पड़ती है। इसके बाद भी खिलाड़ियों को खेलने की अनुमित की कोई ग्रांटी नहीं है। वहीं जीजीएम साइंस कॉलेज के हॉस्टल मैदान में खिलाड़ियों को अनुमित नहीं है। केवल राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में चुने गए खिलाड़ी ही यहां तैयारी कर सकते हैं। जम्मू शहर में ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहां पर युवा पेशेवर क्रिकेट की तैयारी कर सकें। जेकेसीए और स्पोर्ट्स काउंसिल खिलाड़ियों को ऐसी सुविधा नहीं दे पाई, जिससे वह अन्य राज्यों के खिलाड़ियों का मुकाबला कर सके।
जम्मू-कश्मीर में खेल प्रतिभाओं की कमी है, लेकिन सुविधाओं में विस्तार की जरूरत है। खिलाड़ियों के लिए टर्फ विकेट काफी महत्वपूर्ण होती है। उन्हें इन विकेट पर अधिक से अधिक अभ्यास करने की जरूरत है। बीसीसीआई द्वारा हाल ही में नियुक्त जेकेसीए की उप समिति कुछ हद तक इस तरफ काम कर रही है।
-रंजीत कालरा, पूर्व खिलाड़ी