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Seat Ka Samikaran: नवादा विधानसभा सीट पर रहा है दो यादव परिवारों का दबदबा, ऐसा है इसका चुनावी इतिहास

Thu, 28 Aug 2025 01:14 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला

सार

बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात नवादा सीट की करेंगे। नवादा सीट से मौजूदा समय में राजद की विभा देवी विधायक हैं। 

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: नवादा विधानसभा सीट पर रोचक हैं सियासी समीकरण - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बिहार में साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं। चुनाव के पहले ही बिहार में सियासी हलचल देखने को मिल रही है। पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों बिहार में वोटर अधिकार यात्रा कर रहे हैं। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज नवादा सीट की बात करेंगे। इस सीट से गायत्री देवी और राज बल्लभ यादव के परिवार के सदस्य पांच-पांच बार विधायक रहे हैं। वर्तमान में राज बल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी यहां से विधायक हैं।  

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बिहार के 38 जिलों में से एक जिला नवादा भी है। नवादा जिला दो अनुमंडल और 14 ब्लॉक में बंटा है। जिले में पांच विधानसभा सीटें हैं। इनमें रजौली, हिसुआ, नवादा, गोविंदपुर, वारिसलीगंज शामिल हैं। आज सीट का समीकरण में नवादा सीट की बात करेंगे। यह सीट 1952 में अस्तित्व में आई।

1952: दो विधायक पहुंचे विधानसभा
1952 के चुनाव में नवादा विधानसभा सीट से दो विधायक चुने गए। दोनों विधायक कांग्रेस के थे। जो दो चेहरे विधानसभा पहुंचे उनमें राम किशुन सिंह और शक्ति कुमार शामिल थे।

1957: कांग्रेस को मिली जीत 

1957 के चुनाव में नवादा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मंजूर अहमद को जीत मिली। इस चुनाव में उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के टेक नारायण प्रसाद यादव को मात्र 643 वोट से हराया। मजूर अहमद को कुल 8,015 वोट मिले। वहीं, टेक नारायण प्रसाद यादव को 7,372 वोट मिले। 

1959: उपचुनाव में जीते मंजूर अहमद

1959 में नवादा सीट से उपचुनाव हुए। इस चुनाव में फिर से मंजूर अहमद को जीत मिली। मजूर अहमद को कुल 10,236 वोट मिले थे। 

1962:  जनसंघ को मिली जीत 

1962 के चुनाव में नवाजा सीट से जनसंघ के गौरीशंकर केसरी को जीत मिली। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सलाहुद्दीन खान को 614 वोट से हराया। गौरीशंकर केसरी को 14,730 वोट मिले। वहीं, सलाहुद्दीन खान को 14,116 वोट मिले। 

1967:  कांग्रेस को मिली जीत

1967 के चुनाव में कांग्रेस के आरएसपी यादव को 3,160 वोट से जीत मिली। इस चुनाव में तत्कालीन विधायक और जनसंघ के उम्मीदवार गौरीशंकर दूसरे नंबर पर रहे। आरएसपी यादव को कुल 18,124 वोट मिले। वहीं, गौरीशंकर को 14,964 वोट मिले।

1969: जनसंघ की वापसी

1969 के चुनाव में जनसंघ के गौरीशंकर ने वापसी की। इस चुनाव में उन्होंने भाकपा के गणेश शंकर विद्यार्थी को 2,802 वोट से हराया। गौरी शंकर को 20,840 वोट मिले। वहीं, गणेश शंकर को 18,038 वोट मिले।

1972: गायत्री देवी को मिली जीत 

1972 के चुनाव में नवादा सीट से कांग्रेस की गायत्री देवी को जीत मिली। वहीं कांग्रेस (ओ) के  बिंदेश्वरी सिंह दूसरे नंबर पर रहे। गायत्री देवी को कुल 33,123 वोट मिले। वहीं, बिंदेश्वरी सिंह को 29,247 वोट मिले। 

1977: भाकपा को मिली जीत 

  • 1977 के चुनाव में नवादा सीट से भाकपा के गणेश शंकर विद्यार्थी को 39,446 वोट से जीत मिली। वहीं, दूसरे नंबर निर्दलीय जेहल प्रसाद रहे। गणेश शंकर को कुल 51,857 वोट मिले। वहीं, जेहल प्रसाद को 12,411 वोट मिले। 
  • 1980 के चुनाव में भाकपा के गणेश शंकर विद्यार्थी दूसरी बार विधायक बने। उन्होंने कांग्रेस के रामेश्वरम यादव को 13,899 वोट से हराया। गणेश शंकर को कुल 39,681 वोट मिले। वहीं, रामेश्वरम यादव को 25,782 वोट मिले। 

1985:  कांग्रेस के नरेंद्र कुमार को मिली जीत 

1985 के चुनाव में कांग्रेस के नरेंद्र कुमार ने 2,669 वोट से जीत दर्ज की। इस चुनाव में भाजपा के एम कृष्ण प्रसाद दूसरे नंबर पर रहे। नरेंद्र प्रसाद को कुल 46,992 वोट मिले। वहीं, एम कृष्ण प्रसाद 44,323 वोट मिले। 

1990: भाजपा को मिली पहली जीत 

1990 के चुनाव में नवादा सीट से कृष्ण प्रसाद ने भाजपा को पहली जीत दिलाई। उन्होंने तात्कालीन विधायक नरेंद्र कुमार को 14,694 वोट से हराया। कृष्णा प्रसाद को कुल 57,374 वोट मिले। वहीं, नरेंद्र कुमार को 42,680 वोट मिले। 

1995: कृष्ण प्रसाद के भाई को मिली जीत 

  • 1995 में कृष्ण प्रसाद की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इसके बाद उनके भाई राज बल्लभ प्रसाद ने उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ते हुए नवादा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस चुनाव में उन्होंने गायत्री देवी के बेटे और कांग्रेस के उम्मीदवार कौशल यादव को 27,357 वोट से शिकस्त दी। राज बल्लभ प्रसाद को 47,825 वोट मिले। वहीं कौशल यादव को मात्र 20, 468 वोट मिले। 
  • 2000 में राजबल्लभ प्रसाद राजद से चुनाव लड़े और बड़ी जीत हासिल की। इस चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार शत्रुघ्न प्रसाद सिंह को 51,402 वोट से हराया। राजबल्लभ प्रसाद को 1,06,614 वोट  मिले। वहीं, शत्रुघ्न प्रसाद को 55,212 वोट मिले।

फरवरी 2005: पूर्णिमा यादव बनी विधायक

  • फरवरी 2005 में निर्दलीय उम्मीदवार और कौशल यादव की पत्नी पूर्णिमा यादव नवादा सीट से विधायक बनी। उन्होंने अक्तूबर 2005 और 2010 में भी जीत दर्ज की और तीनों चुनाव में दो बार के विधायक और राजद उम्मीदवार राज बल्लभ दूसरे नंबर पर रहे। फरवरी 2005 में उन्होंने 10,081 वोट से हराया। वहीं, अक्तूबर 2005 में उन्होंने राज बल्लभ प्रसाद को 2004 वोट से हराया। 
  • 2010 के चुनाव में पूर्णिमा यादव ने जदयू के टिकट से अपनी किस्मत आजमाई और जीत हासिल की। इस चुनाव मेंं उन्होंने राजबल्लभ यादव को 6,337 वोट से हराया। 

2015: राजबल्लभ प्रसाद की वापसी

  • लगातार तीन चुनाव में हार का सामना कर चुके राजबल्लभ प्रसाद ने 2015 में वापसी की। उन्होंने बीएलएसपी के इंद्रदेव प्रसाद को 16,726 वोट से हराया। राज बल्लभ प्रसाद को कुल 88,235 वोट मिले। वहीं, इंद्रदेव को 71,509 वोट मिले। 
  • साल 2016 में विधायक राजबल्लभ यादव पर एक नाबालिग लड़की ने यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया। आरोप लगते ही पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 14 अगस्त 2025 को पटना हाईकोर्ट ने उन्होंने बरी कर दिया। 
  • राजबल्लभ यादव के जेल जाने के कारण 2016 में नवादा में उपचुनाव हुए। इस चुनाव में जदयू के  कौशल यादव को जीत मिली। 
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2020: विभा देवी बनी विधायक

2020 में राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी राजद के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरीं और जीत हासिल की। वहीं, इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार श्रवण कुमार  दूसरे नंबर पर रहे। विभा देवी को कुल 72,435 और शरवन कुमार 46,125 वोट मिले। 

 

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