बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात नवादा सीट की करेंगे। नवादा सीट से मौजूदा समय में राजद की विभा देवी विधायक हैं।
बिहार में साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं। चुनाव के पहले ही बिहार में सियासी हलचल देखने को मिल रही है। पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों बिहार में वोटर अधिकार यात्रा कर रहे हैं। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज नवादा सीट की बात करेंगे। इस सीट से गायत्री देवी और राज बल्लभ यादव के परिवार के सदस्य पांच-पांच बार विधायक रहे हैं। वर्तमान में राज बल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी यहां से विधायक हैं।
1952: दो विधायक पहुंचे विधानसभा
1952 के चुनाव में नवादा विधानसभा सीट से दो विधायक चुने गए। दोनों विधायक कांग्रेस के थे। जो दो चेहरे विधानसभा पहुंचे उनमें राम किशुन सिंह और शक्ति कुमार शामिल थे।
1957: कांग्रेस को मिली जीत
1957 के चुनाव में नवादा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मंजूर अहमद को जीत मिली। इस चुनाव में उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के टेक नारायण प्रसाद यादव को मात्र 643 वोट से हराया। मजूर अहमद को कुल 8,015 वोट मिले। वहीं, टेक नारायण प्रसाद यादव को 7,372 वोट मिले।
1959: उपचुनाव में जीते मंजूर अहमद
1959 में नवादा सीट से उपचुनाव हुए। इस चुनाव में फिर से मंजूर अहमद को जीत मिली। मजूर अहमद को कुल 10,236 वोट मिले थे।
1962: जनसंघ को मिली जीत
1962 के चुनाव में नवाजा सीट से जनसंघ के गौरीशंकर केसरी को जीत मिली। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सलाहुद्दीन खान को 614 वोट से हराया। गौरीशंकर केसरी को 14,730 वोट मिले। वहीं, सलाहुद्दीन खान को 14,116 वोट मिले।
1967: कांग्रेस को मिली जीत
1967 के चुनाव में कांग्रेस के आरएसपी यादव को 3,160 वोट से जीत मिली। इस चुनाव में तत्कालीन विधायक और जनसंघ के उम्मीदवार गौरीशंकर दूसरे नंबर पर रहे। आरएसपी यादव को कुल 18,124 वोट मिले। वहीं, गौरीशंकर को 14,964 वोट मिले।
1969: जनसंघ की वापसी
1969 के चुनाव में जनसंघ के गौरीशंकर ने वापसी की। इस चुनाव में उन्होंने भाकपा के गणेश शंकर विद्यार्थी को 2,802 वोट से हराया। गौरी शंकर को 20,840 वोट मिले। वहीं, गणेश शंकर को 18,038 वोट मिले।
1972: गायत्री देवी को मिली जीत
1972 के चुनाव में नवादा सीट से कांग्रेस की गायत्री देवी को जीत मिली। वहीं कांग्रेस (ओ) के बिंदेश्वरी सिंह दूसरे नंबर पर रहे। गायत्री देवी को कुल 33,123 वोट मिले। वहीं, बिंदेश्वरी सिंह को 29,247 वोट मिले।
1977: भाकपा को मिली जीत
1985: कांग्रेस के नरेंद्र कुमार को मिली जीत
1985 के चुनाव में कांग्रेस के नरेंद्र कुमार ने 2,669 वोट से जीत दर्ज की। इस चुनाव में भाजपा के एम कृष्ण प्रसाद दूसरे नंबर पर रहे। नरेंद्र प्रसाद को कुल 46,992 वोट मिले। वहीं, एम कृष्ण प्रसाद 44,323 वोट मिले।
1990: भाजपा को मिली पहली जीत
1990 के चुनाव में नवादा सीट से कृष्ण प्रसाद ने भाजपा को पहली जीत दिलाई। उन्होंने तात्कालीन विधायक नरेंद्र कुमार को 14,694 वोट से हराया। कृष्णा प्रसाद को कुल 57,374 वोट मिले। वहीं, नरेंद्र कुमार को 42,680 वोट मिले।
1995: कृष्ण प्रसाद के भाई को मिली जीत
फरवरी 2005: पूर्णिमा यादव बनी विधायक
2015: राजबल्लभ प्रसाद की वापसी
2020: विभा देवी बनी विधायक
2020 में राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी राजद के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरीं और जीत हासिल की। वहीं, इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार श्रवण कुमार दूसरे नंबर पर रहे। विभा देवी को कुल 72,435 और शरवन कुमार 46,125 वोट मिले।
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