संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला में लगभग 60 फीसदी स्कूल पुरानी समयसारणी के अनुसार ही खुलेंगे। इन स्कूलों ने अपनी समयसारणी में कोई बदलाव नहीं किया है। अधिकांश स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) ने पुरानी समयसारणी पर ही सहमति जताई है। हालांकि, जिले के 40 फीसदी स्कूलों के खुलने व बंद होने की समयसारणी में बदलाव किया गया है।
बता दें कि गर्मी के कारण शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को समय सारणी में बदलाव करने के विकल्प दिए गए हैं। समयसारणी में बदलाव का निर्णय स्कूल प्रधानाचार्यों पर छोड़ दिया गया है। स्कूल में आने वाले बच्चों की गर्मी को लेकर स्थिति पर स्कूल प्रबंधन समिति से बैठक कर निर्णय लिया जाना है।
इसी कड़ी में स्कूल प्रधानाचार्यों ने इस मामले स्कूल प्रबंधन समितियों से चर्चा की। समितियों ने तर्क दिया कि अगर सुबह सात या साढ़े सात बजे विद्यार्थी स्कूल पहुंचते हैं तो बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। काफी संख्या में विद्यार्थी चार से पांच किलोमीटर पैदल चलकर स्कूलों में पहुंचते है। ऐसे में वह समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाएंगे। वहीं फिर छुट्टी के समय भी बच्चों को कड़ी धूप में जाना पड़ेगा।
इसलिए अधिकांश स्कूल प्रबंधन समितियों ने पुरानी समयसारणी पर ही सहमति जताई। जिले के करीब 60 फीसदी स्कूल पुरानी समयसारणी के अनुसार ही खुलेंगे। जिला शिक्षा अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट बनाकर भेज भी दी है।
उच्च शिक्षा निदेशक राजकुमार ने कहा कि जिले में 60 फीसदी स्कूल ऐसे हैं जो पुरानी समयसारणी पर ही खुलेंगे। 40 फीसदी स्कूलों ने समयसारणी में बदलाव कर लिया है। इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करके शिक्षा निदेशालय को भेज दी गई है।