झज्जर। डीसी डीसी श्यामलाल पूनिया ने कहा कि एक जनवरी से कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों को ही स्कूल में प्रवेश मिलेगा। बिना वैक्सीन लिए प्रवेश देने पर पर स्कूल मुखिया भी बराबर का जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि पीटीएम शत-प्रतिशत होनी चाहिए। कोई अभिभावक स्कूल में नहीं आ सकता। उक्त अभिभावक के साथ मोबाइल आदि पर संपर्क कर बातचीत की जाए। वे बुधवार को सक्षम कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में विभाग की प्रगति रिपोर्ट का आकलन कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका निश्चित तौर पर देश के कर्णधारों के स्वर्णिम भविष्य की नींव मजबूत करती है। सरकार निरंतर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के प्रयास कर रही है। बोर्ड की परीक्षा नजदीक है इसलिए पाठ्यक्रम पूरा करवाते हुए छात्रों की मॉक परीक्षा आयोजित करवाएं ताकि छात्रों पर बोर्ड की परीक्षा का मानसिक दबाव न रहे। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बीपी राणा ने ड्राप आउट बच्चों के लिए संचालित विशेष प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी) स्टाफ का शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन, बीआरपी और एबीआरसी की स्कूल विजिट, सर्दियों की छुट्टियों में छात्रों की पढ़ाई की निरंतरता, टीएलएम मेला, एफएनएल कार्यक्रम, मेगा पीटीएम आदि विषयों पर प्रगति रिपोर्ट रखी। प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए डीसी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी पूनिया ने अवसर एप पर अध्यापकों व विद्यार्थियों की हाजिरी, पात्र छात्रों व अध्यापकों का शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया।
निम्न प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को चिह्नित करें
डीसी ने निम्न प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को चिह्नित करने, मेंटरिंग व मॉनिटरिंग के आंकड़ों का प्रस्तुतिकरण सहित कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सभी मेंटर्स को निरंतर खंड के डेशबोर्ड का अध्ययन करने और निरंतर मेंटरिंग व मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मेंटर्स अपना कार्य ईमानदारी व जिम्मेदारी से करें। आपकी निगरानी से जिले के राजकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान हो सकेगी।
अधीनस्थ अध्यापकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित करें
डीसी ने बैठक में आए सभी क्लस्टर्स प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे भी अपने अधीनस्थ अध्यापकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित करें। इस संदर्भ में कोई भी समस्या आती है तो तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित करें। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश देते हुए डीसी ने कहा कि वे भी अपने अधीनस्थ विद्यालयों का समय-समय पर औचक निरीक्षण करते रहें। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी बीपी राणा, सीएमजीजीए तान्या, सक्षम के जिला नोडल अधिकारी सुदर्शन पूनिया, सभी खंडों के शिक्षा अधिकारी और क्लस्टर प्रमुख व बीआरपी, एबीआरसी उपस्थित रहे।