इफको सेंटर पर रविवार देर रात से लाइन में लगे किसानों को सुबह भी डीएपी नहीं मिली तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने कुछ देर के लिए लालबत्ती चौक पर जाम लगा दिया। किसानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना रोष जाहिर किया। हालांकि मात्र 10 मिनट में ही किसानों को समझा-बुझाकर अनाज मंडी स्थित निजी दुकान पर डीएपी लेने भेज दिया गया। बाद में नायब तहसीलदार राजेश गर्ग भी किसानों से बातचीत करने अनाज मंडी पहुंचे।
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गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी की सख्त जरूरत
फतेहाबाद शहर के आसपास के गांवों से आए किसानों ने बताया कि डीएपी लेने के लिए वे रविवार रात से ही इफको सेंटर के बाहर बैठे थे। उन्हें उम्मीद थी कि सुबह जल्दी डीएपी मिल जाएगी। मगर 11 बजे तक भी डीएपी नहीं मिली। सेंटर पर मौजूद कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने फिलहाल डीएपी नहीं होने का जवाब दे दिया। किसानों ने बताया कि गेहूं की बिजाई के लिए फिलहाल डीएपी की सख्त जरूरत है। लंबी लाइन में लगने के बाद भी किसानों को एक या दो कट्टे देकर भेज दिया जाता है। कम से कम 10 कट्टे डीएपी मिले तब एक किसान का काम चल पाएगा।
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इसके बाद गुस्साए किसान लालबत्ती चौक पहुंच गए और वहां जाम लगाकर प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सीआईडी व पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने अधिकारियों से बात कर किसानों को अनाज मंडी की दुकान नंबर 81 पर भेज दिया, जहां डीएपी की सप्लाई आई हुई थी। बाद में किसानों ने वहां जाकर लाइन लगाई।
डीएपी की जैसे-जैसे सप्लाई आ रही है, वैसे ही खरीद केंद्रों पर भिजवाई जा रही है। रविवार को एनपीके की सप्लाई भी आई थी। किसानों से कहा गया है कि जिन्हें बिजाई की ज्यादा जल्दी है, वह एनपीके का भी प्रयोग कर सकते हैं।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग, फतेहाबाद