नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोनीपत, हरियाणा की उभरती पहलवान निशा दहिया व उसके भाई की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या करने के आरोपी कोच पवन बराक और सहयोगी सचिन दहिया (23) को सेक्टर-14, द्वारका स्थित वेगास मॉल के पास से गिरफ्तार कर लिया। हरियाणा पुलिस ने मुख्य कोच की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम रखा था। पुलिस ने पवन के कब्जे से लाइसेंसी रिवाल्वर व तीन कारतूस बरामद किए हैं। सूचना के बाद सोनीपत पुलिस दिल्ली पहुंच गई है। पवन को ओलंपिक पदक विजेता व हत्यारोपी सुशील कुमार का करीबी बताया जाता है।
स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार सेल में तैनात इंस्पेक्टर संदीप यादव को सूचना मिली थी कि निशा दहिया हत्याकांड के आरोपी बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंच चुके हैं और छिपने के इरादे से सेक्टर-14, द्वारका में जाएंगे। एसीपी संजय दत्त की देखरेख में बनाई टीम ने घेराबंदी कर दोनों को वेगास मॉल के पास पकड़ लिया। पवन ने बताया कि हत्याकांड के बाद से वह छिपने की जगह बदल रहे थे। पानीपत, सोनीपत व रोहतक आदि जगह गए और बाद में दिल्ली आ गए। पवन की रिवाल्वर का लाइसेंस सिर्फ हरियाणा का है। ऐसे में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला भी दर्ज किया है और उसे आम्र्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। निशा दहिया को चार, भाई को तीन और निशा की मां को एक गोली लगी थी।
आरोपी पवन सुशील कुमार का करीबी है
रोहतक, हरियाणा निवासी आरोपी पवन बराक ने बताया कि वह ओलंपिक पदक विजेता व हत्या के आरोप में इस समय तिहाड़ जेल में बंद सुशील कुमार का करीबी है। उसने अपनी कुश्ती एकेडमी का नाम भी सुशील के नाम पर रखा हुआ था। सुशील के साथ उसकी फोटो भी सोशल मीडिया पर सामने आई है।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने हत्याकांड के बाद मुख्य कोच पवन बराक ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। उसने पानीपत से नया मोबाइल नंबर लिया था। स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर संदीप यादव की टीम को ये मोबाइल नंबर मिल गया। इस नंबर को सर्विलांस पर डाला गया और इसके बाद पवन बराक व सचिन को द्वारका से गिरफ्तार कर लिया। सचिन कोच पवन की अकादमी के बाहर जूस की दुकान चलाता था। इस कारण उसकी पवन से अच्छी दोस्ती थी।