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Dehradun International Film Festival: जब मंच पर रावण के अवतार में आ गए 'क्रूक सिंह', सुनाया शिव श्लोक

Mon, 20 Sep 2021 12:44 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

तीन दिवसीय देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आखिरी दिन फिल्मी कलाकारों के नाम रहा।  कार्यक्रम में अभिनेता विक्टर बनर्जी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
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अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देहरादून अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के समापन के मौके पर अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा रावण की भूमिका में आ गए और अपनी आवाज में शिव श्लोक सुनाया तो सभागार सीटियों और तालियों से गूंज उठा। शिव श्लोक सुन दर्शन भाव-विभोर हो गए। इस मौके पर बॉलीवुड के सितारों को सम्मानित किया गया। बता दें कि अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा टीवी धारावाहिक 'चंद्रकांता' में 'क्रूक सिंह' का किरदार निभाकर बेहद प्रसिद्धी पा चुके हैं।

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Dehradun Film Festival: इराक में मना ‘चिंटू का बर्थडे’ तो देहरादून में खूब बजी तालियां

रविवार को कार्यक्रम के समापन के दौरान अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि उत्तराखंड की जनता से मिले प्यार से देवभूमि और शिव की भूमि में आकर अद्भुत अनुभूति हो रही है। आने वाले समय में उत्तराखंड में फिल्म करने का मौका मिला तो वह अवश्य उत्तराखंड आएंगे। यहां की वादियां और लोगों का प्यार काम करने के जुनून को और बढ़ा देता है। इस मौके पर उनके प्रशंसकों ने उनके साथ जमकर सेल्फी ली।
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देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल: बॉलीवुड सितारों से सजी दून की शाम, विक्टर बनर्जी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल  
वहीं तीन दिवसीय देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आखिरी दिन फिल्मी कलाकारों के नाम रहा। दून की रविवार की शाम बॉलीवुड के सितारों से सज गई। कार्यक्रम में अभिनेता विक्टर बनर्जी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

आयोजन में प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित जय किशन महाराज से पांच साल तक कथक सीखने वाली नृत्यांगना स्वीटी गुसाई मनमोहक प्रस्तुति से हुआ। 

कथक नृत्यांगना स्वीटी गुसाई ने कथक की शानदार भाव भंगिमाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में विक्टर बैनर्जी के अलावा बिंदु दारा सिंह, अखिलेंद्र मिश्रा, अभिनेत्री आरुषि निशंक और ऐश्वर्या रजनीकांत, मीता वशिष्ठ, लोक गायक संगीता ढौंढियाल को सम्मानित किया गया। इस मौके पर विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के साथ ही उत्तरखंड के तमाम कलाकार मौजूद रहे। इससे पहले रविवार को राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी में लघु फिल्मों को प्रदर्शित किया गया।

राज्य निर्माण का संघर्ष देख नम हुईं दर्शकों की आंखें

कभी आंखों में पानी तो कभी जोश। कभी चेहरे पर संघर्ष की पीड़ा के भाव तो कभी रगों में जुनून का प्रवाह। फिल्म रक्त रंजित के दृश्यों में राज्य आंदोलन निर्माण के लिए संघर्ष देख राज्य आंदोलनकारियों और शहरवासियों के कुछ ऐसे ही मनोभाव थे। 

दून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में रविवार को उत्तराखंड आंदोलन पर आधारित फिल्म रक्त रंजित दिखाई गई। निर्माता-निर्देशक जयदेव भट्टाचार्य की फिल्म कई दिनों से सोशल मीडिया पर छाई हुई थी। फिल्म देखने को लेकर राज्य आंदोलनकारियों के साथ ही दूनवासियों में जबरदस्त उत्साह था।

रविवार को फिल्म पर्दे पर दिखाई गई तो आंदोलनकारियों और दूनवासियों का जोश चरम पर था। फिल्म में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान 2 अक्तूबर 1994 को मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर हुए गोलीकांड को दर्शाया गया। साथ फिल्म में उस रात हुई घटना के गवाह कई आंदोलनकारियों के साथ ही रामपुर तिराहा के आसपास के गांवों के लोगों की बातचीत को भी शामिल किया गया। आंदोलन के संघर्ष को पर्दे पर लाने के लिए निर्माता निर्देशक जयदेव भट्टाचार्य को खूब सराहना मिली।
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 ...यूं ही नहीं मिला उत्तराखंड

राज्य आंदोलन के संघर्ष और विशेषकर मुजफ्फरनगर कांड की दास्तां बताकर फिल्म के जरिए यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है। उत्तराखंड राज्य हमें प्लेट में सजाकर नहीं मिला  है। बहुत त्याग तपस्या और बलिदान के बाद हमें हासिल हुआ है, लेकिन सपने आज भी अधूरे हैं। युवाओं को फिल्म देखता अच्छा लगा। शायद उन्हें महसूस हुआ होगा कि यह राज्य हमने कैसे पाया है।
-सुशीला बलूनी, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी

फिल्म देखकर हमारी भावनाएं और इतिहास मानो दोबारा सामने आ गया। फिल्म के दौरान हमें अपना वो समय याद आ रहा था। कितने आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान के स्वरूप हमें अलग राज्य मिला। इसे पर्दे पर दिखाकर यकीनन बड़ा संदेश दिया गया है। खासकर युवा पीढ़ी को संघर्ष का इतिहास जानना जरूरी था। ताकि वह इस राज्य के इतिहास को जान सकें।
-प्रदीप कुकरेती, आंदोलनकारी 

अभिनेत्री मीता वशिष्ठ भी हुईं भावुक
दून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंची अभिनेत्री मीता वशिष्ठ ने भी फिल्म रक्त रंजित देखी। फिल्म के बाद आयोजित टॉक शो में उन्होंने अपनी भावुकता व्यक्त की। कहा कि फिल्म देखने के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों की पीड़ा महसूस की। अलग राज्य बनाने के लिए उत्तराखंड के लोगों ने क्या कुछ नहीं खोया है। आंदोलनकारियों के साहस और संघर्ष की जितनी सराहना की जाए कम है। अब इस राज्य की बेहतरी के सभी को सोचना चाहिए। 
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