कभी आंखों में पानी तो कभी जोश। कभी चेहरे पर संघर्ष की पीड़ा के भाव तो कभी रगों में जुनून का प्रवाह। फिल्म रक्त रंजित के दृश्यों में राज्य आंदोलन निर्माण के लिए संघर्ष देख राज्य आंदोलनकारियों और शहरवासियों के कुछ ऐसे ही मनोभाव थे।
दून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में रविवार को उत्तराखंड आंदोलन पर आधारित फिल्म रक्त रंजित दिखाई गई। निर्माता-निर्देशक जयदेव भट्टाचार्य की फिल्म कई दिनों से सोशल मीडिया पर छाई हुई थी। फिल्म देखने को लेकर राज्य आंदोलनकारियों के साथ ही दूनवासियों में जबरदस्त उत्साह था।
रविवार को फिल्म पर्दे पर दिखाई गई तो आंदोलनकारियों और दूनवासियों का जोश चरम पर था। फिल्म में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान 2 अक्तूबर 1994 को मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर हुए गोलीकांड को दर्शाया गया। साथ फिल्म में उस रात हुई घटना के गवाह कई आंदोलनकारियों के साथ ही रामपुर तिराहा के आसपास के गांवों के लोगों की बातचीत को भी शामिल किया गया। आंदोलन के संघर्ष को पर्दे पर लाने के लिए निर्माता निर्देशक जयदेव भट्टाचार्य को खूब सराहना मिली।
राज्य आंदोलन के संघर्ष और विशेषकर मुजफ्फरनगर कांड की दास्तां बताकर फिल्म के जरिए यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है। उत्तराखंड राज्य हमें प्लेट में सजाकर नहीं मिला है। बहुत त्याग तपस्या और बलिदान के बाद हमें हासिल हुआ है, लेकिन सपने आज भी अधूरे हैं। युवाओं को फिल्म देखता अच्छा लगा। शायद उन्हें महसूस हुआ होगा कि यह राज्य हमने कैसे पाया है।
-सुशीला बलूनी, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी
फिल्म देखकर हमारी भावनाएं और इतिहास मानो दोबारा सामने आ गया। फिल्म के दौरान हमें अपना वो समय याद आ रहा था। कितने आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान के स्वरूप हमें अलग राज्य मिला। इसे पर्दे पर दिखाकर यकीनन बड़ा संदेश दिया गया है। खासकर युवा पीढ़ी को संघर्ष का इतिहास जानना जरूरी था। ताकि वह इस राज्य के इतिहास को जान सकें।
-प्रदीप कुकरेती, आंदोलनकारी
अभिनेत्री मीता वशिष्ठ भी हुईं भावुक
दून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंची अभिनेत्री मीता वशिष्ठ ने भी फिल्म रक्त रंजित देखी। फिल्म के बाद आयोजित टॉक शो में उन्होंने अपनी भावुकता व्यक्त की। कहा कि फिल्म देखने के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों की पीड़ा महसूस की। अलग राज्य बनाने के लिए उत्तराखंड के लोगों ने क्या कुछ नहीं खोया है। आंदोलनकारियों के साहस और संघर्ष की जितनी सराहना की जाए कम है। अब इस राज्य की बेहतरी के सभी को सोचना चाहिए।