बिलासपुर में युवक की मौत के बाद जाम लगाए लोगों को समझाती पुलिस।
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार को करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। युवक ने मछली पकड़ने के लिए करंट लगाया था, लेकिन खुद ही उसकी चपेट में आ गया। पता चलने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों के नहीं मिलने पर गुस्सा भड़क गया। इसके बाद परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश के बाद जाम खुलवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामला मस्तुरी थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत पाली इटवा निवासी कन्हैया लाल केवट (32) पुत्र बहोरिक लाल मछली मारने का काम करता था। वह मंगलवार सुबह अरपा नदर में मछली मारने के लिए अपने पिता के साथ निकला था। उसने जाल में करंट लगाकर डाला था। दोपहर करीब एक बजे वह खुद उसी जाल की चपेट में आ गया। करीब आधे घंटे बाद पिता की नजर पड़ी तो आसपास के लोगों की मदद से मस्तुरी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। आरोप है कि वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला।
इससे परिजनों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने अस्पताल में हंगामा करने के बाद मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इसकी सूचना पुलिस को मिली तो वह भी पहुंच गई। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। काफी समझाने के बाद परिजन जाम खोलने के लिए माने और करीब 3 बजे रास्ता साफ कराया जा सका। केवट समाज के ब्लॉक अध्यक्ष जगतराम केवट ने बताया कि डेड बॉडी को लेकर वे घंटों हॉस्पिटल परिसर में इंतजार करते रहे, पर डॉक्टर नहीं होने से सारी परेशानियां हुई।
मस्तुरी स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ नंदराज कंवर ने बताया कि करंट के संपर्क में आने से युवक की पहले ही मौत हो गई थी। इसमें डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं है। जिस समय परिजन डेड बॉडी लेकर आए उस समय हॉस्पिटल में डॉक्टर की ड्यूटी थी, जो हॉस्पिटल परिसर में उपस्थित नहीं थे जिन पर विभागीय शिकायत की गई है। वही प्रशिक्षु डीएसपी नूपुर उपाध्याय ने बताया कि डॉक्टर की उपस्थिति हॉस्पिटल में नहीं होने से परीजनों ने परिसर में तोड़फोड़ और चक्का जाम करने की कोशिश की।