राणा गुरजीत सिंह को मंत्री बनाने की खबरों के बाद आम आदमी पार्टी से आकर कांग्रेस का हाथ थमने वाले सुखपाल सिंह खैहरा व पांच अन्य विधायकों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के छह विधायकों ने मंत्रिमंडल के शपथग्रहण से कुछ समय पहले ही नवजोत सिंह सिद्धू को पत्र लिखा। पत्र में विधायकों ने राणा गुरजीत सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर विरोध जताया है। इन विधायकों ने राणा गुरजीत सिंह के स्थान पर एससी चेहरे को कैबिनेट में शामिल करने की अपील की।
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पत्र लिखने वाले नेताओं में मोहिंदर सिंह केपी, सुल्तानपुर से विधायक नवतेज सिंह, भुलत्थ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा, फगवाड़ा के विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल, जालंधर (नॉर्थ) बावा हेनरी और शाम चौरासी से विधायक पवन अदिया शामिल हैं।
भुलत्थ से आप की टिकट पर चुनाव जीतने वाले सुखपाल सिंह खैरा अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी मोर्चा खोल चुके हैं। आप से अलग होकर उन्होंने पंजाब एकता पार्टी का गठन भी किया था। कुछ माह पूर्व खैरा ने तीन अन्य विधायकों के साथ कैप्टन की अगुवाई में कांग्रेस का हाथ थामा था।
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आप में रहते हुए खैरा ने राणा गुरजीत सिंह के खिलाफ जमकर हमला बोला था। खनन मामले में नाम आने के बाद गुरजीत सिंह की कैप्टन कैबिनेट से छुट्टी कर दी गई थी। अब खैहरा ने फिर से पांच अन्य विधायकों के साथ राणा गुरजीत सिंह का विरोध शुरू कर दिया है।
पार्टी राणा गुरजीत सिंह की मंत्री के रूप में प्रस्तावित नियुक्ति के साथ बड़ी गलती करने जा रही है। हम इस बारे में अपने प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से बात करेंगे। विधायक सुखपाल सिंह खैरा, भुलत्थ।