हरियाणा में लगातार दूसरे दिन गुरुवार को आफत की बारिश का दौर जारी रहा। शहरों में जलभराव होने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, खरीफ की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। जीटी बेल्ट के खेतों में धान की तैयार फसल खराब हो गई। साथ ही मंडियों में रखी धान की बोरियां भी भीग गईं।
मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक 26 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक बारिश का पूर्वानुमान है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस बारिश से कपास के टिंडे गल और फूल झड़ गए हैं। बाजरे की पकी हुई फसल में नुकसान हुआ है। धान की फसल बारिश व तेज हवा के कारण बिछ गई है। मूंग की फसल काली पड़ गई है। ग्वार की पकी हुई फसल भी खराब हो गई है। तोरी, घीया, अगेती गाजर, अगेती मूली, अगेती शलगम सब्जी की फसल खराब हो चुकी है।
यह भी पढ़ें- कैप्टन अमरिंदर के नए खुलासे: कहा- तीन हफ्ते पहले ही इस्तीफे की पेशकश की थी, सिद्धू के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारूंगा
प्रदेश में 20.5 एमएम बारिश
प्रदेश में गुरुवार को 20.5 एमएम औसत बारिश हुई। वहीं मानसून सीजन में अब तक 543.7 एमएम बारिश हो चुकी है जो कि 26 फीसदी ज्यादा है। गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक जींद में 52.9, भिवानी में 47.2, फतेहाबाद में 38.3 और महेंद्रगढ़ में 50.9 एमएम औसत बारिश हुई। हालांकि गोहाना ब्लॉक में सर्वाधिक 150 एमएम बारिश दर्ज की गई। हिसार में 32.1 एमएम तो हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अनुसार कृषि क्षेत्र में दोपहर ढाई बजे तक 48.5 एमएम बारिश दर्ज की गई।
यह भी पढ़ें- चंडीगढ़ में दिखा वायुसेना का शौर्य: सुखना लेक के ऊपर गरजे राफेल व चिनूक, मौसम के कारण नहीं उड़े सूर्यकिरण
झज्जर जिले में 100 फीसदी ज्यादा बारिश
मानसूनी सीजन में झज्जर जिले में 100 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। जिले में एक जून से 23 सितंबर तक 744.7 एमएम बारिश हो चुकी है। फतेहाबाद में 84 प्रतिशत, सोनीपत में 82, कैथल में 71, हिसार में 61, रेवाड़ी में 54, पानीपत में 49, गुरुग्राम में 48 व महेंद्रगढ़ में सामान्य से 42 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। पलवल, नूंह, फरीदाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, सिरसा, करनाल व कुरुक्षेत्र में सामान्य बारिश हुई है। पंचकूला, अंबाला व यमुनानगर में सामान्य से कम बारिश हुई।