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Bihar: निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला की मौत; डॉक्टर ने जीवित बताकर सदर अस्पताल किया रेफर, खुद हुआ फरार

Fri, 30 Aug 2024 04:53 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई

सार

Jamui News: जमुई में निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई, डॉक्टर ने उसे जिंदा बताकर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। उसके बाद डॉक्टर खुद अपने क्लिनिक में ताला लगाकर फरार हो गया। मृतका के परिजनों ने इसे लेकर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई है।
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मृतका पूनम पांडेय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जमुई जिले के लक्ष्मीपुर थानाक्षेत्र के केनूहट गांव स्थित मां दुर्गा इमरजेंसी अस्पताल में प्रसव के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल में हंगामा न हो और नाम बदनाम न हो, इसलिए डॉक्टर तथा स्टाफ ने उसे जिंदा बताकर ऑक्सीजन लगाकर बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। मामले को जब तक परिजन समझ पाते तब तक डॉक्टर और स्टाफ क्लिनिक में ताला लगाकर फरार हो गए।

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बताया जा रहा है कि जब परिजनों को प्रसूता की मौत हो जाने के बारे में पता चला तो आक्रोशित परिजनों ने क्लिनिक के बाहर जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। साथ ही आरोपी डॉक्टर के खिलाफ लक्ष्मीपुर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी भी दर्ज करा दी। मृतका की पहचान टाउन थानाक्षेत्र के अगहरा गांव निवासी पिंटू पांडेय की पत्नी पूनम पांडेय (30) के रूप में की गई है। वहीं, घटना के बाद घर ले जाने के दौरान रास्ते में नवजात की भी मौत हो गई।

मृतका के मामा निरंजन पांडेय ने बताया कि उनकी भांजी फिलहाल अपने मायके लक्ष्मीपुर थानाक्षेत्र के कल्ला गांव में थी। जहां प्रसव पीड़ा होने के बाद उसे सदर अस्पताल लाया जा रहा था। लेकिन केनुहट के पास दलाल के चक्कर में फंसकर उसे केनुहट स्थित एक झोलाछाप डॉ. मनीष यादव के मां दुर्गा इमरजेंसी अस्पताल में ही भर्ती कर दिया गया। जहां पर प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी। लेकिन उसे जिंदा बताकर सदर अस्पताल जाने की सलाह दी और खुद क्लीनिक में ताला लगाकर फरार हो गया। 
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वहीं, मृतका के पिता अनिल पांडेय ने लक्ष्मीपुर थाने में मामले को लेकर आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आवेदन में बताया कि प्रसव को लेकर बेटी पूनम पांडेय को केनुहट स्थित निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। उसके बाद उसे पता चला कि वह जिस क्लिनिक में अपनी बेटी के सकुशल प्रसव के लिए पहुंचा था, वह कुरीला निवासी झोलाछाप डॉक्टर मनीष यादव का है। उसने खुद को मुंगेर जिले का डॉक्टर बताकर फर्जी तरीके से क्लिनिक खोल रखा है। असलियत में वह एक मामूली कंपाउंडर है और बोर्ड लगाकर चिकित्सक का काम कर रहा था। 

इधर, लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।

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