भारत में अब कार में मिलने वाली सुरक्षा को लेकर भी ग्राहक ज्यादा सजग हो गए हैं। फीचर्स के साथ ही सेफ्टी को भी ध्यान में रखकर ग्राहक किसी भी कार को खरीदते हैं। इस खबर में हम आपको ऐसी पांच एसयूवी की जानकारी दे रहे हैं जो सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं।
दुनियाभर की कार कंपनियों के लिए भारत सबसे बड़े बाजार में से एक है। कंपनियां लगातार भारत में अपनी कारों को लॉन्च करती हैं। ऐसे में ग्राहक भी जागरूक हो गए हैं और कीमत के साथ ही फीचर्स और सेफ्टी को भी प्राथमिकता में रखते हैं। दीवाली से पहले अगर आप भी नई एसयूवी खरीदने की सोच रहे हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ें। इस खबर में हम आपको देश की सबसे ज्यादा सुरक्षित पांच एसयूवी की जानकारी दे रहे हैं।
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स्कोडा कुशाक
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स्कोडा कुशाक
- फोटो : skoda india
यूरोपियन कार कंपनी स्कोडा की कुशाक एसयूवी भारत में मिलने वाली सबसे सुरक्षित एसयूवी में से एक है। कुशाक को ग्लोबल एनसीएपी ने टेस्ट किया था और नतीजे आने के बाद ये एसयूवी देश की सबसे ज्यादा सुरक्षित एसयूवी में से एक बन गई। एनसीएपी की ओर से किए गए टेस्ट में इस एसयूवी ने व्यस्कों और बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरे पांच स्टार हासिल किए हैं।
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फॉक्सवैगन ताइगुन
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फॉक्सवैगन टाइगुन
- फोटो : global ncap
दुनिया की सबसे बड़ी कार कंपनियों में से एक फॉक्सवैगन की ताइगुन भी देश में मिलने वाली सबसे सुरक्षित कॉम्पैक्ट एसयूवी है। स्कोडा की ही तरह इस एसयूवी को भी व्यस्कों और बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरे पांच स्टार मिले हैं। एनसीएपी की ओर से किए गए क्रैश टेस्ट में इसे भी सबसे ज्यादा नंबर मिले हैं। फॉक्सवैगन की ताइगुन और स्कोडा की कुशाक दोनों ही संयुक्त रूप से पहले नंबर आती हैं।
भारतीय कार कंपनी टाटा भी इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। टाटा की मिनी एसयूवी पंच भी सुरक्षा के मामले में कई बड़ी कारों को पीछे छोड़ देती है। टाटा की पंच को व्यस्कों की सेफ्टी के लिए फाइव स्टार और बच्चों की सुरक्षा के लिए फोर स्टार मिले हैं।
इस लिस्ट में अगला नंबर महिंद्रा की एक्सयूवी 300 का है। इसे भी ग्लोबन एनसीएपी क्रैश टेस्ट में फाइव स्टार मिले हैं। एक्सयूवी 300 को व्यस्कों की सुरक्षा के लिए फाइव और बच्चों की सुरक्षा के लिए फोर स्टार मिले हैं।
महिंद्रा की एक्सयूवी 700 भी देश की सबसे ज्यादा सुरक्षित एसयूवी है। क्रैश टेस्ट में इसे व्यस्कों की सेफ्टी के लिए फाइव स्टार और बच्चों की सुरक्षा के लिए फोर स्टार मिले हैं।
महिंद्रा एक्सयूवी 700 क्रैश टेस्ट
- फोटो : global ncap
ग्लोबल एनसीएपी दुनियाभर की कारों का क्रैश टेस्ट करती है। इस टेस्ट का मकसद ये पता लगाना होता है कि किस कंपनी की कौन सी कार कितनी सुरक्षित है। इसके लिए कई स्थिति में टेस्ट किए जाते हैं। टेस्ट के दौरान सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। टेस्ट किए गए मॉडलों में फ्रंटल और साइड इफेक्ट सुरक्षा का आकलन किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक स्थिरता नियंत्रण (ईएससी), पैदल यात्री सुरक्षा और साइड इफेक्ट पोल सुरक्षा आकलन जैसे कई मानकों पर भी टेस्ट के नतीजे निर्भर करते हैं।
एफआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक शाऊल बिलिंग्सले के मुताबिक साल 2014 में बड़ी संख्या में जीरो स्टार कारें भारतीय बाजार में मौजूद थीं। लेकिन लगातार सुधारों के कारण अब देश में कई कारें फाइव स्टार और फोर स्टार रेटिंग तक पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि एफआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक शाऊल बिलिंग्सले ने कहा कि भारतीय सड़कों पर अब सैकड़ों-हजारों फाइव-स्टार कारें चलाई जा रही हैं। ये कारें यात्रियों को हादसे के समय मौत और गंभीर चोट से बचाती हैं।