Pushya Nakshatra 2022: जिन जातकों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है उनके लिए आज पुष्य नक्षत्र में बाजार से चांदी के आभूषण खरीदकर लाना चाहिए।
Pushya Nakshatra 2022: आज ( 18 जनवरी 2022) से हिंदू कैलेंडर का नया महीना माघ आरंभ हो गया है। माघ में गंगा स्नान, दान, तप और कल्पवास करने का विशेष महत्व होता है। माघ माह के शुरुआत होने के साथ ही आज बहुत ही शुभ पुष्य नक्षत्र का योग भी है। पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र माना जाता है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनिदेव है। पुष्य नक्षत्र में किसी भी तरह के शुभ कार्य को शुरू करने और पूजा-अनुष्ठान बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है। ऐसे में जिन लोगों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव है वे लोग आज कुछ उपाय करके शनि के दोष को कुछ कम कर सकते हैं।
इन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव
शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। ऐसे में जिन जातकों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती लगी हुई होती है उन्हें कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है। शनिदेव अभी मकर राशि में विराजमान है इस वजह से धनु, मकर और कुंभ राशि वालो पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। लेकिन 29 अप्रैल 2022 से शनि मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे जिसके कारण मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा। वहीं शनि के राशि परिवर्तन करने से धनु राशि के जातकों का साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी। मकर राशि पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण और कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू हो जाएगा।
इन राशियों पर ढैय्या
शनि के राशि परिवर्तन करते ही दो राशियों पर ढैय्या शुरू हो जाएगी और दो से खत्म भी हो जाएगी। अभी मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है लेकिन जैसे ही शनि 29 अप्रैल 2022 को मकर से कुंभ राशि में आएंगे फिर कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर ढैय्या शुरू हो जाएगी।
पुष्य नक्षत्र में करें ये उपाय
जिन जातकों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है उनके लिए आज पुष्य नक्षत्र में बाजार से चांदी के आभूषण खरीदकर लाना चाहिए। इसके अलावा शनि मंदिर जाकर शनिदेव को काला तिल और सरसों का तेल जरूर अर्पित करें।
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