मंदिर मंदिर द्वारे द्वारे
हम घूमे बनकर बंजारे
गाँव गली आँगन चौबारे
जिसने देखा चरण पखारे
सबके मन को जीत लिया पर
केवल एक तुम्हीं से हारे
बन न सके मनमीत तुम्हारे
सोच रहे थे साथ तुम्हारे
हम दुनिया के पार चलेंगे
जन्मों तक जो रहे हमारा
लेकर वह अधिकार चलेंगे
लेकिन टूट गए सब सपने
क्या करते किस्मत के मारे
साथ अगर होते तो होता
अपना घर भी सबसे न्यारा
सोचो कितना सुंदर होता
कोई ध्रुव या श्रवण हमारा
शायद इस अनुकूल नहीं थे
अपने ग्रह नक्षत्र सितारे
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