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Urdu Poetry: आप हमारे होश उड़ा कर मानेंगे

उर्दू अदब
                
                                                         
                            आँखों को कुछ ख़्वाब दिखा कर मानेंगे
                                                                 
                            
आप हमारे होश उड़ा कर मानेंगे

लगता है ये पानी बेचने वाले लोग
हर बस्ती में आग लगा कर मानेंगे

तुझ को छूने की चाहत में दीवाने
शायद अपने हाथ जला कर मानेंगे

तय तो ये था पिछली बातें भूलनी हैं
आप मगर सब याद दिला कर मानेंगे

घर का झगड़ा गर बाहर आ जाएगा
बाहर वाले अंदर आ कर मानेंगे

चाहे फिर आवाज़ चली जाए लेकिन
हम उस को आवाज़ लगा कर मानेंगे

घर पक्का करने की बातें करते हैं
या'नी वो दीवार उठा कर मानेंगे

~ यासिर ख़ान इनाम

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40 मिनट पहले

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