कहाँ कहाँ पे लुटे हो शुमार मत करना
मगर किसी पे भी अब ए'तिबार मत करना
हमारी राह में कलियाँ नहीं हैं काँटे हैं
हमारी राह कभी इख़्तियार मत करना
बहुत ही क़ीमती है ये तिरे बदन का लिबास
किसी ग़रीब के बच्चे को प्यार मत करना
मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर
सफ़र सफ़र है मिरा इंतिज़ार मत करना
शराब-ख़ाने का रस्ता भी छूट जाएगा
शराब-ख़ाने में 'साहिल' उधार मत करना
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