फूल सा इक लिफ़ाफ़ा मेरे नाम का
एक चिट्ठी थी उस में महकती हुई
- संदीप ठाकुर
मेरी ख़ातिर कोश भाग्य का घट जाता है
दिल की हर चिट्ठी का कोना फट जाता है
- मधूरिमा सिंह
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