आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

आज का शब्द: सुमन और कुँअर बेचैन की कविता- नेह में संदेह होगा

आज का शब्द
                
                                                         
                            अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- सुमन, जिसका अर्थ है- फूल या पुष्प। प्रस्तुत है कुँवर बेचैन की कविता- नेह में संदेह होगा 
                                                                 
                            

देह आकर्षण बनी तो 
नेह में संदेह होगा! 

देह को सौंदर्य सींचे 
और सबकी दृष्टि खींचे 
दीखती हो देह सम्मुख 
आँख खोले, आँख मींचे 

देह से ही प्यार जन्मा 
प्यार से अधिकार जन्मा 
और जब अधिकार-घन में 
तड़ित्-शंकित मेह होगा! 
नेह में संदेह होगा! 

देह के बिन, प्यार कैसा 
प्यार, बिन अभिसार कैसा 
और प्रिय अभिसार के बिन 
देह का शृंगार कैसा 
आगे पढ़ें

4 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर