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आज का शब्द: सदाशय और सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविता 'धूलि में तुम मुझे भर दो'

aaj ka shabd sadashaya suryakant tripathi nirala hindi kavita dhuli mein tum mujhe bhar do
                
                                                         
                            हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है सदाशय जिसका अर्थ है - 1. जिसका भाव उदार और श्रेष्ठ हो 2. नि:स्वार्थ। कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 
                                                                 
                            

धूलि में तुम मुझे भर दो।
धूलि-धूसर जो हुए पर
उन्हीं के वर वरण कर दो
दूर हो अभिमान, संशय,
वर्ण-आश्रम-गत महामय,
जाति-जीवन हो निरामय
वह सदाशयता प्रखर दो।
फूल जो तुमने खिलाया,
सदल क्षिति में ला मिलाया,
मरण से जीवन दिलाया सुकर जो वह मुझे वर दो। 
4 महीने पहले

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