आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

आज का शब्द: प्रमाद और रमेश रंजक की कविता- बरसों के बाद

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- प्रमाद, जिसका अर्थ है- भ्रांति, धोखा, लापरवाही। प्रस्तुत है रमेश रंजक की कविता- बरसों के बाद
                                                                 
                            

बरसों के बाद
यादों से जुड़ी एक याद

पिछड़े दिन तेज़ी से भागे
ठहर गए पलकों के आगे
छेड़ा जब चुलबुली हवा ने
गीत-सुमन सोते से जागे
टूट गया गन्ध का प्रमाद
            बरसों के बाद

हम जितने डूबे अँसुआए
सारे दिन प्यास में नहाए
अँगड़ाई मधुवन्ती लहरें
फैल गए प्रतिबिम्बित साए
आज, लगा कल का अनुवाद
यादों से जुड़ी एक याद
            बरसों के बाद

हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें।

लिंक पर क्लिक करें और जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से 

https://whatsapp.com/channel/0029VaXoA27A89Mp96alfc2o 

एक घंटा पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर