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आज का शब्द: पराक्रम और गोपालप्रसाद व्यास की कविता- नेताजी सुभाषचन्द्र बोस 

आज का शब्द- पराक्रम और गोपालप्रसाद व्यास की कविता: नेताजी सुभाषचन्द्र बोस
                
                                                         
                            देश आज महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125 वी जयंती मना रहा है।  पिछले दिनों केंद्र सरकार ने नेताजी के जन्मदिवस को 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया। अमर उजाला के 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- पराक्रम।  यह शब्द अपने आप में कई अर्थों को समेटे हुए है। पराक्रम (संज्ञा पुल्लिंग) शब्द की व्युत्पत्ति संस्कृत से हुई, जिसका अर्थ है  1. शौर्य; विक्रम; बल; पुरुषार्थ 2. अभियान; साहसिक कार्य। नेताजी, त्याग, बलिदान और साहस की प्रतिमूर्ति थे। वे अदम्य साहसी और पराक्रमी थे। प्रस्तुत है गोपालप्रसाद व्यास की कविता: नेताजी सुभाषचन्द्र बोस...
                                                                 
                            

है समय नदी की बाढ़ कि जिसमें सब बह जाया करते हैं।
है समय बड़ा तूफ़ान प्रबल पर्वत झुक जाया करते हैं ।।
अक्सर दुनियाँ के लोग समय में चक्कर खाया करते हैं।
लेकिन कुछ ऐसे होते हैं, इतिहास बनाया करते हैं ।। आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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