अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- निराला, जिसका अर्थ है- ऐसा स्थान जहाँ कोई मनुष्य न हो, एकान्त स्थान। प्रस्तुत है बालकृष्ण शर्मा नवीन की रचना- देखा बेड़ी पहने मैंने
देखा बेड़ी पहने मैंने अपना मृदु गोपाल,
अपना मृदु गोपाल, सलौना वह मन मोहन लाल।
वह प्यारे मुख मंडल वाला,
वह तेजस्वी, चपल निराला,
वह गोरा, वह कुछ-कुछ काला,
वह अपनी धुन का मतवाला,
जिसको देख उमड़ आती है, वत्सलता बेहाल,
सलौना वह मन मोहन लाल!
देखा बेड़ी पहने मैंने अपना मृदु गोपाल—
सलौना वह मन मोहन लाल।
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