आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

आज का शब्द: नेपथ्य और उमाकांत मालवीय की कविता: मंच पर की भूमिका तो सिर्फ अभिनय है 

आज का शब्द- नेपथ्य और उमाकांत मालवीय की कविता: मंच पर की भूमिका तो सिर्फ अभिनय है
                
                                                         
                            नेपथ्य यानि रंगमंच के पिछले पर्दे के पीछे का वह स्थान जहां अभिनेता-अभिनेत्रियां वेष बनाते हैं। अमर उजाला हिंदी हैं हम शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- नेपथ्य। प्रस्तुत है उमाकांत मालवीय की कविता: मंच पर की भूमिका तो सिर्फ अभिनय है 
                                                                 
                            

ज़िन्दगी नेपथ्य में गुज़री
मंच पर की भूमिका तो सिर्फ अभिनय है ।

मूल से कट कर रहे
परिशिष्ट में
एक अंधी व्यवस्था की दृष्टि में ।
ज़िन्दगी तो कथ्य में गुज़री
और करनी
प्रश्न से आहत अनिश्चय है । आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर