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आज का शब्द: मितभाषी और स्वाति मेलकानी की कविता- बुरांश के खिलने से वसंत युवा होता है

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- मितभाषी, जिसका अर्थ है- कम या थोड़ा बोलने वाला। प्रस्तुत है स्वाति मेलकानी की कविता- बुरांश के खिलने से वसंत युवा होता है
                                                                 
                            


1

बुरांश के खिलने से
वसंत युवा होता है
और उसका यौवन
छिपाए नहीं छिपता

हरे पहाड़ में छिपे हुए पेड़ों के
जंगल में होने का
एक और साक्ष्य मिलता है 
जब बुरांश खिलता है 

2

बुरांश अकेला नहीं खिलता
खिलते बुरांश के साथ
पतझड़ से ऊबे
सैकड़ों बांज सुरई और काफल
फिर चहकने लगते हैं
बुरांश के खिलने से
जंगल खिल उठता है

3

बुरांश आशा है
आज के सूरज के
वर्षों तक उगने की
और अँधेरी रातों में
तारों और जुगनू के
कभी न बुझने की

उथले प्रयासों से दूर
एकांत का हाथ थामे
अपने अस्तित्व को
अभिव्यक्त करना
जैसे के बुरांश का खिलना  आगे पढ़ें

3 वर्ष पहले

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