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आज का शब्द: लोमहर्षक और केदारनाथ अग्रवाल की कविता- एक के बाद एक हुए

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- लोमहर्षक, जिसका अर्थ है- जिसे देखकर रोएं खड़े हो जाएं, भयानक। प्रस्तुत है केदारनाथ अग्रवाल की कविता- एक के बाद एक हुए 
                                                                 
                            

एक के बाद एक हुए 
तीन हत्याकांड
एक-से-एक
लोमहर्षक।

निरंकुश हुआ नरसंहार
कि लाशों से
पट गई धरती,
लहुलुहान हो गया मसान।

हतप्रभ निहारता-
बुदबुद बोलता
ध्वंसावशेषी ज्ञान,
असमर्थ आक्रोश की
लार टपकाता है
इतिहास की 
लड़खड़ाती जीभ
बाहर निकाले।

हाँफती हवा
काँखती-कराहती
विलाप करती है,
जमीन-आसमान में
लोटती-पलटती
धूल उड़ाती।
दूरातिदूर अंतरिक्ष में
वहाँ, निश्चित बैठा, काल-
मुंडमाल गले से लटकाए,
मृत्यु की 
जय-जयकार करता है।
3 वर्ष पहले

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