लाली यानि लाल होने के भाव, प्रतिष्ठा या इज्जत और प्रकाश या रोशनी। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- लाली। प्रस्तुत है केदारनाथ सिंह की कविता: खेत जग पड़े थे
खेत जग पड़े थे
पत्तों से फूट रही थी चैत के शुरू की
हल्की-हल्की लाली
सोचा, मौसम बढ़िया है
चलो तोड़ लाएँ नीम के दो-चार
हरे-हरे छरके
मैं तो उन्हें भूल चुका था
पर मेरे दाँतों को वे अब भी
बहुत याद आते थे
आगे पढ़ें
कमेंट
कमेंट X