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आज का शब्द: लाली और केदारनाथ सिंह की कविता- खेत जग पड़े थे  

आज का शब्द- लाली और केदारनाथ सिंह की कविता: खेत जग पड़े थे
                
                                                         
                            लाली यानि लाल होने के भाव, प्रतिष्ठा या इज्जत और प्रकाश या रोशनी। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- लाली। प्रस्तुत है केदारनाथ सिंह की कविता:  खेत जग पड़े थे 
                                                                 
                            

खेत जग पड़े थे 
पत्तों से फूट रही थी चैत के शुरू की 
हल्की-हल्की लाली 
सोचा, मौसम बढ़िया है 
चलो तोड़ लाएँ नीम के दो-चार 
हरे-हरे छरके 

मैं तो उन्हें भूल चुका था 
पर मेरे दाँतों को वे अब भी 
बहुत याद आते थे  आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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