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आज का शब्द: हूक और वीरेन्द्र वत्स की कविता- बस तेरा नाम है

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- हूक, जिसका अर्थ है- हृदय की वेदना, दर्द, पीड़ा। प्रस्तुत है वीरेनद्र वत्स की कविता- बस तेरा नाम है
                                                                 
                            

आँखों की झील से काजल की कोर तक
सावन की शाम से फागुन की भोर तक
बस तेरी याद है, बस तेरा नाम है
 
गलियों में फूल खिले
खुशबू को पंख लगे
सीने में हूक उठी
सोये अरमान जगे
 
शबनम की बूँद से लहरों के शोर तक
चाँदी की रेत से अम्बर के छोर तक
बस तेरी याद है, बस तेरा नाम है
 
जिस दिन से तू मेरे
सपनों में आई है
जीवन के हर पल में
तू ही समाई है
 
धड़कन के गीत से साँसों की डोर तक
पुरवा की थाप से आँधी के जोर तक
बस तेरी याद है, बस तेरा नाम है

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3 महीने पहले

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