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आज का शब्द: दुभाषिया और अभिज्ञात की कविता- चिठि्ठयाँ आती हैं, आती रहती हैं

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- दुभाषिया, जिसका अर्थ है- दो भाषाएं जानने वाला वह मनुष्य जो उन भाषाओं में बात करनेवाले दो मनुष्यों को एक- दूसरे की बात समझाता है। प्रस्तुत है अभिज्ञात की कविता- चिठि्ठयाँ आती हैं, आती रहती हैं 
                                                                 
                            

चिठि्ठयाँ आती हैं
आती रहती हैं
काग़ज़ी बमों की तरह हताहत करने
समूची संभावना के साथ

कौन-सा शब्द किस आशय से टकरा जाए
कहाँ
कहा नहीं जा सकता
हर शब्द खतरनाक हो सकता है

चिठि्ठयों को चाहिए जवाब
कहाँ है जवाब
किस ओर किसके पास

अगर चिठ्ठी हो मुझे ही संबोधित
लिखा हो मेरा ही नाम पता
जवाबदेही मेरी है
नाम बदल दूँ मसखरी में
तो तुम्हें भी घायल कर सकती है
या हड़बड़ी में अपनी समझ पढ़ बैठे कोई

अपना क्या नहीं होगा
नाम पता सम्बोधन के अलावा
क्या है जवाब?

समस्याएँ बहानों में कैसे तब्दील हो जाती है
नहीं जानता।

क्या काग़ज़, अंतरदेशी, लिफ़ाफ़े, पोस्टकार्ड
यह गुस्ताख दुभाषिए है
जो समस्या को बहाने में बदल देते हैं
चुपचाप
या स्याही की ठीक नहीं है नीयत
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3 वर्ष पहले

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