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आज का शब्द: दृढ़ और माखनलाल चतुर्वेदी की कविता- यह गुंजार कहाँ से आयी

आज का शब्द
                
                                                         
                            

'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- दृढ़, जिसका अर्थ है- अच्छी तरह बँधा या मिला हुआ, प्रगाढ़, पुष्ट, मजबूत, निश्चित, ध्रुव, पक्का। प्रस्तुत है माखनलाल चतुर्वेदी की कविता- यह गुंजार कहाँ से आयी

यह गुंजार कहाँ से आयी
चौंक पड़ा, मैं बोल उठा,
कँपने लगा हृदय, हरि जाने
मैं भय-विह्वल डोल उठा!

'फिर कुछ बजा', सोच कर मन में
फिर मैं कुछ-कुछ जान गया;
'वीणा की झंकार हुई है', यही
बात अनुमान गया!

'निष्ठुर बड़ा बजानेवाला'
यों कह दौड़ा ध्वनि की ओर,
किंतु मध्य में रुका, सुना—
जब पकड़ो-मारो का कुछ शोर;

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3 वर्ष पहले

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