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आज का शब्द: भासित और अज्ञेय की कविता 'सूर्यास्त'

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हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है भासित जिसका अर्थ है - 1. प्रकाशमान 2. चमकदार। कवि अज्ञेय ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 

धूप
—माँ की हँसी के प्रतिबिंब-सी शिशु-वदन पर—
हुई भासित
नए चीड़ों से कँटीली पार की गिरि शृंखला पर :

गीति :
मन पर वेदना के बिना,
तर्कातीत, बस स्वीकार से ही सिहर कर
बोला :
‘नहीं, फिर आना नहीं होगा।’ 
 

5 महीने पहले

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