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आज का शब्द: बसेरा और दीप्ति नवल की कविता 'मैंने देखा है दूर कहीं पर्वतों के पेड़ों पर'

aaj ka shabd basera deepti naval hindi kavita maine dekha hai door kahin parvaton ke pedhon par
                
                                                         
                            

हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है बसेरा जिसका अर्थ है 1. रहने का स्थान 2. टिकने का ठिकाना 3. अस्थायी निवास। कवयित्री दीप्ति नवल ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 

मैंने देखा है दूर कहीं पर्वतों के पेड़ों पर
शाम जब चुपके से बसेरा कर ले
और बकरियों का झुंड लिए कोई चरवाहा
कच्ची-कच्ची पगडंडियों से होकर
पहाड़ के नीचे उतरता हो

मैंने देखा है जब ढलानों पे साए-से उमड़ने लगें
और नीचे घाटी में
वो अकेला-सा बरसाती चश्मा
छुपते सूरज को छू लेने के लिए भागे

हाँ, देखा है ऐसे में और सुना भी है
इन गहरी ठंडी वादियों में गूंजता हुआ कहीं पर
बांसुरी का सुर कोई़...

2 वर्ष पहले

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