'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- आवास, जिसका अर्थ है- रहने की जगह, निवास स्थान, मकान, घर। प्रस्तुत है रमानाथ अवस्थी की रचना- कुछ कर गुज़रने के लिए मौसम नहीं, मन चाहिए !
कुछ कर गुज़रने के लिए
मौसम नहीं, मन चाहिए!
थककर नहीं बैठो प्रतीक्षा कर रहा कोई कहीं
हारे नहीं जब हौसले
तब कम हुए सब फ़ासले
दूरी कहीं कोई नहीं
केवल समर्पण चाहिए!
हर दर्द जूठा लग रहा सहकर मज़ा आता नहीं
आँसू वही आँखें वही
कुछ हैं ग़लत कुछ हैं सही
जिसमें नया कुछ दिख सके
वह एक दर्पण चाहिए।
राहें पुरानी पड़ गईं आख़िर मुसाफ़िर क्या करें!
आगे पढ़ें
कमेंट
कमेंट X