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ख़ामोश लबों से

                
                                                         
                            ख़ामोश लबों से, गुनगुनाना चाहता है।
                                                                 
                            
दिल की सुनो, कुछ सुनाना चाहता है।।

जिसने कल सर-ए-राह छोड़ा था मुझे।
वही आज मेरे करीब आना चाहता है।।

दोस्तों के शहर में भी नफरत मिली है।
दिल सर-ए-बज़्म ये बताना चाहता है।।
-यूनुस खान
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17 घंटे पहले

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