ख़ामोश लबों से, गुनगुनाना चाहता है।
दिल की सुनो, कुछ सुनाना चाहता है।।
जिसने कल सर-ए-राह छोड़ा था मुझे।
वही आज मेरे करीब आना चाहता है।।
दोस्तों के शहर में भी नफरत मिली है।
दिल सर-ए-बज़्म ये बताना चाहता है।।
-यूनुस खान
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