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ग़मजदा हैं तो

                
                                                         
                            ग़मजदा हैं, तो खुश नजर आयें कैसे।
                                                                 
                            
हम अपने अहद से मुकर जाएं कैसे।।

खुद को समेटने का हुनर , जानते हैं।
फिर , सर-ए-बज़्म बिखर जाएं कैसे।।

- यूनुस खान
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6 घंटे पहले

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