बेसबब नहीं है,ये उदासी फ़ज़ाओं की।
बदली हुई है , आज रंगत हवाओं की।।
अब ना वो शोर है,ना ही कशिश है वो।
कौन जाने है ये कैफियत सदाओं की।।
-यूनुस खान
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