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सोने सा वतन मेरा

                
                                                         
                            सोने सा वतन मेरा चाँदी सी जुबानी है
                                                                 
                            
ईतना प्यारा देश है मेरा जिसकी हर बात सुहानी है 

बंगलो से अच्छा कच्चा घर मेरा जिनपे खपडो़ की छवानी है 
जो है बागो बगियो से घेरा जिनमे गूँजती कोयल की मीठी बानी है 
जहाँ प्रातः होता सोन सवेरा कल—कल नदियों की बयानी है 
सोने सा सुहानी है।

परदेसों से अच्छा देश है मेरा, जहां अनेक मनमोहक मीठी बानी है
यह वीरों का जन्मास्थान है पूरा, जहां वंदे मातरम की गवानी है,
जहां एकता का है अनाज बिखेरा, और सभ्यता भी एक कहानी है,
सोने सा वतन मेरा चांदी सी जुबानी है।

कवि =vivek bampur


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6 वर्ष पहले

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