इससे पहले कि तुम समझ पाते सारे जज़बात हमारे,
ग़ैरों के सहारे तुम मुझसे दूर हो गए।
जब दूसरों की बातों पे यक़ीन करने लगे तुम,
हम कुछ कह न सके और मजबूर हो गए।
हम हाल-ए-दिल किसे सुनाते जब तुम ही न रहे,
अकेले में तड़पकर हम रंजूर हो गए।
जिस प्यार को सीने में छुपाकर रखा था हमने,
उसी प्यार के चर्चे शहर में मशहूर हो गए।
तुमने तो ज़रा भी न सोचा कि दिल पे क्या बीतेगी,
संजोए थे जो ख़्वाब वो चकनाचूर हो गए।
'विक्की' ने तो प्यार की हर एक रस्म निभाई,
मगर तुम जीतकर भी देखो मग़रूर हो गए।
— विकास त्रिपाठी 'विक्की'
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