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बंदिशों से परे

                
                                                         
                            भले ज़माना कैद रखे तुम्हें लाख बंदिशों में,
                                                                 
                            
पर प्यार मेरा हमेशा तुम्हें आज़ाद रखेगा।
चाहे वक्त लिख दे फ़ासले अपनी साज़िशों में,
मेरा नाम तेरे दिल को आबाद रखेगा।
धूप चाहे बिछा दे आग राह की ख़्वाहिशों में,
मेरा यक़ीन तुझे हर कदम पर साथ रखेगा।
दुनिया चाहे छुपा ले तुझे अपनी हदों में,
मेरा इश्क़ तुझे हर दुआ में याद रखेगा।
— विकास त्रिपाठी 'विक्की' 
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2 महीने पहले

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