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राजस्थान दिवस पर झलक राजस्थान की

                
                                                         
                            रंग रंगीला राजस्थान,
                                                                 
                            
ठाठ बाट हैं राजसी,
संस्कृति है धरोहर ,
राजपूत का रंग है अपना
ढल ना पाए और रंग में,
अपनी माटी पर करे गौरव ,
रहा स्वाधीन सदैव से,
अंग्रेज आए,मुगल आए,
जीत ना पाए राजस्थान को,
राजस्थान के बसे प्राचीन नगर,
बदल ना सका कोई नगरों का नाम,
राजस्थान का कुंभलगढ़ का गौरवमय दुर्ग देखो ,
दीवार है चीन की दीवार सी भव्य,
एक एक राजपूत सैकड़ों के बराबर,
महाराणा प्रताप,पृथ्वीराज चौहान,
के इर्दगिर्द घूमती वीरता,
दिल है करुणामय,
अपने शत्रु को भी करें माफ,
पन्ना का त्याग,इतिहास का चर्चित पन्ना,
राजस्थान रचा बसा है त्यौहरों में,
तीज माता की सवारी निकले धूम धाम से,
राजस्थानी लोकसंगीत में,
लहरिया,राजस्थानी छापे की छटा निराली
मेंहदी है हर हाथ की शोभा
भोजन की सुगंध है अनूठी,
दाल बाटी चूरमा,खिचड़ा, घेवर राबड़ी घाट,
खींच कर लाए राजस्थान की धरती पर,
राजस्थान है रंगीगा,
ठाठ बाट हैं राजसी,
राजस्थान बसा है सबके नैनों में,
यहां दुर्ग खड़े हैं शान से,
गाथाएं लिखी हैं शिलालेखों पर,
हमें गर्व है हम वीर भूमि के निवासी हैं।

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4 वर्ष पहले

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