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गुरु समाज सुधारक

                
                                                         
                            देश में हिंदू मुस्लिम की चर्चा,
                                                                 
                            
जुलूस निकलें पत्थरबाजी,
कांवड़िए जात पूछें फल विक्रेताओं से
मारने वाले भी जात पूछें,
इमारतों पर बुल्डोजर,
जवान बेरोजगार,
महंगाई आसमान पर,
युवक युवती प्रेम करें,
समाज को स्वीकार नहीं,
गुरु ही समाज सुधारक ,
कुहासे में उषा,
चर्चा में खान सर,
निर्धनों का सपना साकार करते,
निम्न शुल्क में कोचिंग चलाते,
सब्जी वाले,ऑटो वाले,मजदूर की,
आंखों में सरकारी ऑफिसर के स्वप्न झिलमिलाते,
साकार होते तो,
एक समृद्ध समाज का निर्माण होता.....
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एक वर्ष पहले

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