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चलो हम सब मिल कर.... दिवाली मनाते हैं!

                
                                                         
                            चलो इस दिवाली दिया जला के
                                                                 
                            

घर हीं नहीं....
मन के अंधकार को भी मिटाते हैं!

घर की सफाई के साथ हीं....
मन के मैल को भी धो डालते हैं!

दिलों में सब के....
खुशियों की भरमार करते हैं!

दुश्मनी को अपने....
पटाखा बना जला देते हैं!

रिश्तों में घुली हुई....
कड़वाहट को फेंक आते हैं!

चलो हम सब मिल कर....
दिवाली मनाते हैं!

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11 महीने पहले

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