तू मौसम तो नहीं पर बदल रही है जिंदगी !
तू ऋतु तो नहीं पर बदल रही है जिंदगी !
तू युग तो नहीं पर बदल रही है जिंदगी !
खिलौने बदले रास्ते बदले बदल दिये विचार !
गलियां बदली बाजार बदले दूर हुए परिवार !
चेहरा बदला रूप बदला बदल गये यार !
वक्त बदला मकान बदले बदले रीति रिवाज !
आंखें यही शक्स यही बदल रहा इतिहास !
पेड़ वही पहाड़ झरने वही और अनन्त आकाश !
बिना पंख भी उड़ रहा जैसे कोई वाज !
आज़ाद उड़ने वाला वह बरसात बिना ही भीग रहा !
क्यों न जाने मन में लिए क्या आस !
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